राजस्थान के 19 जिलों में शनिवार को बारिश का अलर्ट, घने काले बादल छाए राजस्थान में मानसून ने विदाई से पहले एक ही दिन में इतना पानी बरसाया कि खेत लबालब हो गए। नदी-नाले उफान पर आ गए हैं। बांधों के गेट खोलकर पानी की निकासी की जा रही है। मौसम विभाग के अनुसार शनिवार को जयपुर, अजमेर, अलवर, भरतपुर, दौसा, झुंझुनूं, करौली, सीकर, टोंक समेत 19 जिलों में तेज बारिश की संभावना है। शुक्रवार को राजस्थान के ज्यादातर क्षेत्रों में भारी बारिश हुई। कोटा बैराज के दो गेट खेालकर पानी की निकासी गई। शनिवार को अलसुबह कई जिलों में घने काले बादल छाए रह और तेज हवा चल रही थी। इससे बारिश के आसार बन रहे है। हाड़ौती अंचल में दूसरे दिन शुक्रवार को भी मानसून मेहरबान रहा। कोटा में झमाझम बारिश हुई। कोटा बैराज के दो गेट खोलकर 3800 क्यूसेक पानी की निकासी की गई। मध्यप्रदेश में हो रही झमाझम बारिश से पार्वती नदी एक बार फिर उफान पर आ गई। इससे राजस्थान का मध्यप्रदेश से सम्पर्क कट गया। बारां व बूंदी जिले के नैनवां में सवा तीन व अंता में चार इंच बारिश दर्ज की गई। झालावाड़ में तेज बारिश हुई। भीमसागर का एक गेट खोलकर पानी की निकासी जारी रही। किसानों का कहना है कि खेतों में उड़द व सोयाबीन की फसल कटाई के लिए पड़ी है। बारिश के चलते खराब होने का अंदेशा है। इससे उन्हें नुकसान होने की संभावना है। कोटा जिले के खातौली कस्बे में पार्वती नदी में गुरुवार रात पानी की अधिक आवक होने से शुक्रवार सुबह राजस्थान का मध्यप्रदेश से सम्पर्क कट गया। कोटा-श्योपुर मार्ग पर चलने वाली बसे खातौली से ही वापस लौट गई। झालावाड़ जिले में बारिश का दौर जारी रहा। सुबह कई जगहों पर बारिश हुई। साथ ही दिनभर बादल छाए रहे। शाम पौने 6 बजे तेज बारिश हुई। झालरापाटन, सोजपुर में दिनभर रुक-रुककर बारिश चलती रही। इधर, भीमसागर बांध का एक गेट गुरुवार देर शाम को खोलकर 2100 क्यूसेक पानी की निकासी की गई। जेईएन आकाश मेहरा ने बताया कि शुक्रवार को एक गेट आधा फीट खोलकर 450 क्यूसेक की निकासी की जारी रही। बारिश होने से उजाड़ नदी में आवक जारी है। पिछले 24 घंटों में बारां में 3 और अंता में 4 इंच बारिश हुई। शुक्रवार को बारां में 4, मांगरोल में 30, छबड़ा में 8, छीपाबड़ौद में 10, अटरु में 31,किशनगंज क्षेत्र में 19 मिलीमीटर बरसात हुई। शाम तक बरसात का रुक-रुककर दौर जारी रहा। मौसम विभाग का कहना है कि राजस्थान समेत उत्तर भारत के कई हिस्सों में इस साल सर्दी समय से पहले दस्तक दे सकती है। देरी से होती मानसून की विदाई और उत्तरी भारत में समय से पहले बर्फबारी इस बात के संकेत दे रही है। पिछले दो दिन से हिमाचल प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश के साथ अच्छी बर्फबारी भी हुई है। आमतौर पर अक्टूबर के आखिरी सप्ताह या नवंबर में ही ये बर्फबारी देखने को मिलती है।
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Narinder Kumar (Editor)